देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मत के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश खत्म होते ही सड़कों की मरम्मत और निर्माण का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी करने को कहा गया है, ताकि मानसून समाप्त होते ही काम में किसी तरह की देरी न हो।
मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निकायों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत आने वाली सड़कों की मरम्मत के लिए अभी से निविदा प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।
अक्टूबर में प्रदेश की सड़कों का दौरा करेंगे धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह अक्टूबर में पूरे प्रदेश का दौरा कर सड़क मार्गों की स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून खत्म होने के बाद सड़क सुधार के काम में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों के रखरखाव की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें दुरुस्त करने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय निकायों को भी मिलेगी जरूरी धनराशि
बैठक में नगर निकायों और अन्य संबंधित एजेंसियों को सड़क सुधार के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेशभर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम एक साथ शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुधार से जुड़े सभी कार्यों की तैयारी अभी से पूरी कर ली जाए, ताकि बारिश समाप्त होते ही निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किए जा सकें।सरकार की इस तैयारी का उद्देश्य मानसून के बाद सड़क नेटवर्क को जल्द से जल्द दुरुस्त करना और लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना है।




