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अफगानिस्तानः तालिबान के खौफ के चलते संगीत संस्थान के 100 से ज्यादा छात्रों ने छोड़ा देश

अफगानिस्तान में तालिबानी राज के कारण संगीत संस्थानों के छात्रों को काफी मुश्किलों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। तालिबान ने भले ही आधिकारिक तौर पर संगीत क्षेत्र के लोगों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है लेकिन इसके बाद भी तालिबान ने अगले नोटिस तक सभी को घर पर रहने के आदेश जरूर दिये है। लेकिन दो महीनों के बीत जाने के बावजूद भी तालिबान की ओर से किसी भी तरह का आदेश लागू नही किया गया है। इन सभी कारणों के चलते अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को हुआ है तो वह है खेल और संगीत का।

अफगानिस्तान राष्ट्रीय संगीत संस्थान के 100 से अधिक छात्रों, पूर्व छात्रों व संकाय सदस्यों को शरण देने के लिए पुर्तगाल सरकार राजी हो गई है। जिसके बाद संस्थान के छात्र, संकाय सदस्य रविवार को काबुल से पुर्तगाल की तरफ रवाना हो गए हैं।

संस्थान के निदेशक ने बताया कि रविवार को काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से विमान ने 235 लोगों के साथ कतर के लिए उड़ान भरी थी। इसमें संगीत संस्थान के छात्र, पूर्व छात्र व संकाय सदस्य भी शामिल थे। स्कूल के संस्थापक और निदेशक अहमद सरमस्त ने आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में स्थित अपने घर से कहा, आप कल्पना नहीं कर सकते कि मैं कितना खुश हूं। कल मैं घंटों रो रहा था।

गौरतलब है कि तालिबान के अफगानिस्तान में काबिज होने के बाद से बड़ी संख्या में संगीत से जुड़े लोगों ने भी देश छोड़ा है। सरमस्त ने यह भी बताया कि अभी भी 184 फैकल्टी और छात्र अफगानिस्तान में ही हैं, जिन्हें धी-धीरे बचाकर दूसरे देशों तक ले जाना है।

हालांकि अब तक नई तालिबान सरकार ने आधिकारिक तौर पर संगीत पर प्रतिबंध लगाने जैसा कदम नहीं उठाया है, लेकिन संगीतकारों को डर है कि अनौपचारिक प्रतिबंध लागू कर दिया गया है और कुछ तालिबान लड़ाकों ने अपने दम पर नियमों को लागू करना शुरू कर दिया है।