नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे रहाणे ने 30 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला सुनाया। वीडियो में वह काफी भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम दिखाई दीं। रहाणे भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। उनका नाम हमेशा 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत को ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान के रूप में याद किया जाएगा। एडिलेड टेस्ट में टीम इंडिया के महज 36 रन पर ऑलआउट होने और विराट कोहली के पितृत्व अवकाश पर लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली और भारत को 2-1 से ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई।
टी-20 से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) में 6 जून 1988 को जन्मे अजिंक्य रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए टी-20 मुकाबले से की थी। इसके एक महीने बाद उन्हें वनडे टीम में मौका मिला, जबकि 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली टेस्ट से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
इंटरनेशनल करियर पर एक नजर
| फॉर्मेट | मैच | रन | शतक | अर्धशतक | सर्वोच्च स्कोर |
|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 85 | 5,077 | 12 | 26 | 188 |
| वनडे | 90 | 2,962 | 3 | 24 | 111 |
| T20I | 20 | 375 | 0 | 1 | 61 |
धीरे-धीरे टीम इंडिया से हुए बाहर
रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर टी-20 क्रिकेट से शुरू हुआ, लेकिन सबसे पहले इसी प्रारूप से उनका सफर थम गया। उन्हें 2016 के बाद कभी भारतीय टी-20 टीम में जगह नहीं मिली। हालांकि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर था, लेकिन इससे पहले ही वह चयनकर्ताओं की भविष्य की योजनाओं से बाहर हो चुके थे।
कप्तानी और संयम के लिए हमेशा याद रहेंगे
अजिंक्य रहाणे को उनकी शांत कप्तानी, तकनीकी बल्लेबाजी और टीम के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा। खासकर ऑस्ट्रेलिया में मिली ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे अध्यायों में गिनी जाती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के साथ ही रहाणे के शानदार करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।




