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यूपी के सभी मेडिकल कॉलेजों में बनेगा धर्मांतरण रोकथाम सेल, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल गठित करने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में सामने आए कथित धर्मांतरण मामलों को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया गया है। राज्यपाल ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) में सामने आए कथित धर्मांतरण के मामलों पर चिंता जताते हुए सभी संस्थानों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

जागरूकता अभियान और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

राज्यपाल के आदेश के तहत मेडिकल संस्थानों में छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने, शैक्षणिक परिसर में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और प्राप्त शिकायतों पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और संबंधित नियमों की जानकारी भी दी जाएगी।

KGMU में सामने आया था कथित धर्मांतरण का मामला

दिसंबर 2025 में लखनऊ स्थित KGMU में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सहकर्मी डॉक्टर रमीज़ुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक के खिलाफ चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए, निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया, गर्भपात के लिए मजबूर किया तथा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी पहले से विवाहित था।

प्रदेशभर में लागू होगी व्यवस्था

इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। अब राज्यपाल के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में धर्मांतरण रोकथाम सेल स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे मामलों की रोकथाम, शिकायतों की निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है। राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं पारदर्शी शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH