राहुल गांधी की वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी सियासी मुहिम के बीच बीजेपी ने भी विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद बीजेपी सोमवार को देश के कई बड़े शहरों में मार्च और विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी ने इस अभियान को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया है। दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, भागलपुर और मुंबई समेत कई शहरों में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।
बीजेपी के इस अभियान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन तक शामिल होंगे। हैदराबाद में अमित शाह खुद पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। उनका मार्च निजाम कॉलेज परिसर में बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होकर मोजमजाही चौराहे तक जाएगा।
वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी सोमवार को दो राज्यों में पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वह पहले बिहार के भागलपुर में मार्च निकालेंगे। इसके बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचेंगे, जहां कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक करीब दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा करेंगे। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
मुंबई में भी सड़क पर उतरेगी बीजेपी
बीजेपी का विरोध प्रदर्शन सिर्फ उत्तर और पूर्वी भारत तक सीमित नहीं रहेगा। मुंबई में भी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मार्च निकालेंगे। यह पदयात्रा दादर स्थित शिवाजी पार्क से शुरू होकर कामगार मैदान तक पहुंचेगी। पार्टी का मकसद अलग-अलग शहरों में एक साथ प्रदर्शन कर अपने राजनीतिक अभियान को धार देना है।
1984 के सिख नरसंहार को लेकर दिल्ली में न्याय मार्च
दिल्ली में बीजेपी का प्रदर्शन 1984 के सिख-विरोधी नरसंहार के पीड़ित परिवारों को लेकर होगा। कांग्रेस की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद बीजेपी ने इस मुद्दे पर भी जवाबी कार्यक्रम तैयार किया है। सोमवार दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा बंगला साहिब से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब तक न्याय मार्च निकाला जाएगा। इसमें 1984 के सिख-विरोधी नरसंहार के पीड़ित परिवार भी शामिल होंगे।
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली कर वोट चोरी के आरोपों और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। अब बीजेपी ने अलग-अलग राज्यों में मार्च और प्रदर्शनों के जरिए जवाबी राजनीतिक अभियान शुरू किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।




