चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कई सनसनीखेज हत्याओं से दहशत फैलाने वाले आरोपी गुरप्रीत सिंह का आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया। अमृतसर निवासी गुरप्रीत, जो भारतीय सेना का पूर्व जवान था, पिछले कुछ घंटों में तीन हत्याओं को अंजाम देकर इलाके में भय का माहौल बना चुका था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि गुरप्रीत साल 2021 में सेना से रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट के बाद वह शराब की लत और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। कुछ समय पहले वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने पहुंचा था, लेकिन नशे की आदत के कारण नौकरी भी चली गई। इसके बाद उसका व्यवहार लगातार हिंसक होता गया।
बताया जा रहा है कि उसने पहली वारदात पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में की, जहां एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद दूसरी घटना जम्मू तवी एक्सप्रेस में हुई, जहां एक अन्य यात्री को निशाना बनाया गया। वहीं सोमवार सुबह उसने अस्पताल में भर्ती एक बुजुर्ग महिला की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
तीसरी वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए घेर लिया और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस को उसके पास से हथियार भी मिला। पूछताछ में यह बात सामने आई कि उसका किसी भी पीड़ित से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था।
पुलिस आरोपी को घटनास्थलों पर लेकर गई थी ताकि वारदात का रिक्रिएशन किया जा सके। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।




