उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा क्षेत्र में किशोर सूर्या की हत्या के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपराधियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि दोस्ती की आड़ में हिंसा और छुरेबाजी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं है और न ही इसे बर्दाश्त किया जाएगा। यदि कोई अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन नहीं दे पा रहा है, तो यह भी एक गंभीर चूक है। हमारी संवेदनाएं हमेशा कानून का पालन करने वाले सामान्य नागरिकों के साथ हैं।”
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि समाज में अहिंसा और मानवता महत्वपूर्ण मूल्य हैं, लेकिन जब समाज विरोधी और अपराधी तत्व सामने हों, तो उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी खुद को कानून से ऊपर नहीं समझना चाहिए और सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि 28 मई को बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या की कथित तौर पर उसके दोस्त असद और अन्य आरोपियों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ के दौरान मार गिराने का दावा किया है। साथ ही, असद के खोड़ा स्थित मकान पर नोटिस भी चस्पा किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की गई है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज में गाय का विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है तथा लोगों की भावनाएं उससे गहराई से जुड़ी हुई हैं। सूर्या हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मामले को लेकर प्रदेशभर में चर्चा जारी है और पुलिस जांच आगे बढ़ रही है।




