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यूपी में जमानत जब्त करवाने में कांग्रेस नंबर एक, 97 फीसदी की जमानत हुई जब्त

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। बीजेपी गठबंधन ने इस बार के चुनाव में 403 सीटों में से 273 सीटें जीतकर नया इतिहास रच दिया है। बता दें कि यूपी की राजनाति में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई पार्टी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सत्ता में आई है। वहीँ बात समाजवादी पार्टी की करें तो उसने भी चुनाव में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। भले ही समाजवादी पार्टी सरकार न बना पाई हो लेकिन जीत हार के मार्जिन की बात करे तो सपा और बीजेपी के उम्मीदवारों के बीच कई सीटों पर काफी कम मार्जिन था। सबसे बुरी हालत तो इस चुनाव में कांग्रेस की हुई है।

कांग्रेस पार्टी के 399 उम्मीदवारों में से 387 की जमानत ही जब्त हो गई और सिर्फ दो ही प्रत्याशी अपनी सीट बचा सके। अगर बात बहुजन समाज पार्टी की करें तो उसके 403 उम्मीदवारों में से 290 अपनी जमानत नहीं बचा सके। अगर प्रतिशत में बात करें तो कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में पड़े कुल वोट में से सिर्फ 2.4 फीसदी वोट प्राप्त हुए। वह भी तब जब पार्टी ने चार सीटों को छोड़ प्रदेश की हर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। अगर 33 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) से कांग्रेस की तुलना करें तो आरएलडी ने 2.9 प्रतिशत वोट हासिल किए जो कांग्रेस से बेहतर है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ बुरी तरह से हारने वाली पार्टियों के उम्मीदवारों के जमानत जब्त हुए हैं ऐसा नहीं है। प्रचंड जीत के साथ दोबारा सत्ता में आने वाली और 376 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने वाली भारतीय जनता पार्टी के भी तीन उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। वहीं 347 उम्मीदवार उतारने वाली और सीटों के मामले में दूसरे नंबर पर रहने वाली समाजवादी पार्टी के भी 6 प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके। दिलचस्प बात तो ये है कि भाजपा गठबंधन की छोटी पार्टियों अपना दल(सोनेलाल) और निषाद पार्टी के एक भी उम्मीदवार की जमानत जब्द नहीं हुई। दोनों पार्टी के कुल 27 उम्मीदवार मैदान में थे। यह आंकड़ा इस ओर इशारा करता है कि इन दो पार्टियों को सिर्फ वही सीट दी गई थी जहां इनके चुनौती पेश करने की संभावना थी।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH