नई दिल्ली| श्रीलंका में आए भीषण चक्रवात दित्वा ने व्यापक तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदा में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में मौसम अब भी खराब बना हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्यों को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्रीलंका आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) ने बताया कि 16 नवंबर से जारी प्रतिकूल मौसम से 63,000 से अधिक परिवारों के 2,19,286 लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण चार घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 666 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ की शुरुआत
चक्रवात के बाद श्रीलंका की सहायता के लिए भारत ने तेजी से कदम उठाते हुए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। इस मिशन के तहत भारतीय नौसैनिक जहाज आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने कोलंबो पहुंचकर श्रीलंकाई अधिकारियों को राहत सामग्री सौंपी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, “ऑपरेशन सागर बंधु शुरू हो चुका है। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने कोलंबो में राहत सामग्री पहुंचाई है। आगे की कार्रवाई जारी है।”
पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रीलंका के नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “तूफ़ान दित्वा के कारण अपने प्रियजनों को खोने वाले श्रीलंका के लोगों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। भारत ने अपने निकटतम समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तत्काल राहत सामग्री और महत्वपूर्ण HADR सहायता भेजी है।




