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हॉकी टीम की जर्सी पर खत्म हुआ विवाद! एशियन गेम्स में नीली जर्सी में उतरेंगी भारत की पुरुष और महिला टीमें

नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर चल रही बहस अब खत्म होती नजर आ रही है। आगामी एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपने पारंपरिक नीले रंग की जर्सी में मैदान पर उतरेंगी। हाल ही में वर्ल्ड कप के दौरान नीली जर्सी की जगह नारंगी किट पहनने को लेकर काफी चर्चा और विरोध हुआ था। हॉकी इंडिया ने लंबे समय से भारतीय टीम की पहचान रही नीली जर्सी की जगह वर्ल्ड कप में नारंगी रंग की किट को चुना था। नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने इसी रंग की जर्सी पहनी थी। उस समय तर्क दिया गया था कि नीले टर्फ पर नीली जर्सी होने से खिलाड़ियों को पहचानने में दिक्कत हो सकती है।

हालांकि, जर्सी का रंग बदलने का फैसला विवादों में घिर गया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने भी इस फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी जानकारी के बिना और हॉकी इंडिया के निर्वाचित नेतृत्व व कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी के बगैर जर्सी का रंग बदला गया।

नीला रंग पहली पसंद, नारंगी दूसरी

एशियन गेम्स के लिए स्थिति स्पष्ट करते हुए दिलीप तिर्की ने PTI से बातचीत में बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने टीम किट के रंग को लेकर हॉकी इंडिया से पसंद मांगी थी। इसके जवाब में हॉकी इंडिया ने नीले रंग को पहली पसंद और नारंगी को दूसरी पसंद के तौर पर चुना है। तिर्की के मुताबिक, उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले भी स्पष्ट किया था कि नारंगी जर्सी स्थायी बदलाव नहीं है और भविष्य में टीम के किट का रंग बदला जा सकता है। अब एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें पारंपरिक नीली जर्सी में ही खेलेंगी।

पूर्व दिग्गजों ने भी उठाए थे सवाल

जर्सी का रंग बदले जाने के फैसले पर भारतीय हॉकी के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने भी आपत्ति जताई थी। पूर्व कप्तानों वीरन रसक्विन्हा, परगट सिंह, धनराज पिल्लै और अजित पाल सिंह ने नारंगी जर्सी को लेकर अपनी असहमति जाहिर की थी। बाद में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया था।

एशियन गेम्स पर भारत की नजर

वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और उसे आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा। वहीं भारतीय महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया, जो 1974 के बाद वर्ल्ड कप में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। अब दोनों टीमों की नजर एशियन गेम्स पर है। यह टूर्नामेंट भारत के लिए महाद्वीपीय स्तर पर प्रतिष्ठा के साथ-साथ 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH