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समाधान यात्रा के दौरान नीतीश ने किया स्मार्ट क्लास का उद्घाटन, अगले दिन हुई बंद, खुली पोल

पटना।  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस समय समाधान यात्रा पर हैं।  मुख्यमंत्री यात्रा के जरिए विकाय कार्यों का जायजा ले रहे हैं एवं कई योजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। लेकिन समाधान यात्रा के लिए जल्दीबाजी में जिस तरह से तैयारी की जा रही है, इसकी पोल जमुई में खुल गई। समाधान यात्रा को लेकर जमुई पहुंचे सीएम ने 3D स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया था।

बिजली की अव्यवस्था के कारण अगले दिन ही बंद हुआ 3D स्मार्ट क्लास

मुख्यमंत्री के जाते ही एक दिन बाद बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्मार्ट स्कूल बंद हो गया। अब स्कूल में पुराने ढर्रे से ही बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। सोमवार को हर दिन की तरह बच्चें बच्चियां स्कूल पहुंचे अपने गुरूजी से 3डी तकनीक से पढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन स्कूल के हेड मास्टर मनोज कुमार मायूस हो गए।

मोबाइल के इंटरनेट से चलता स्मार्ट क्लास

स्मार्ट क्लास के लिए स्कूल में इंटरनेट बिजली आपूर्ति व्यवस्था सही मुहैया नहीं कराई गई है। सोलर लाईट से स्मार्ट टीवी नहीं चल रहा है। बिजली रहने पर ही स्मार्ट क्लास चल पाता है।

वहीं, बच्चों को 3 डी स्मार्ट क्लास से पढ़ाने वाले शिक्षक ने कहा कि उन्हें दस दिनों के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था, आज अंतिम दिन है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लास के लिए इंटरनेट की व्यवस्था नहीं कराई गई है। अब तक वे अपने मोबाइल के इंटरनेट से बच्चों को पढ़ा रहे थे।

जाने क्या है 3 डी स्मार्ट क्लास

3 डी स्मार्ट क्लास एक ऐसा डिजीचल माध्यम है जिसके जरीए बच्चों को टीवी स्क्रीन (वाइट बोर्ड) पर पढ़ाई कराई जाती है। इसमें वीडीयो विजुअल के माध्यम से स्क्रीन पर विज्ञान, गणित, इतिहास सहित कई विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। ब्लैक बोर्ड की जगह टीवी स्क्रीन पर पढ़ाई होती है। इंटरनेट के माध्यम से कई विषयों की पढ़ाई कराई जाती है। 3 डी स्मार्ट क्लास इंटर एक्टिव बोर्ड में लगा होता है।

3 डी स्मार्ट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का कहना है कि स्मार्ट क्लास में जो वीडियो के जरीए पढ़ाई की जाती है, उसमें उसे समझने में काफी आसानी होती है, लेकिन बिजली के कारण उसे 3 डी स्मार्ट क्लास करने में परेशानी होती है।

समाधान यात्रा के कारण जल्दीबाजी में काम

एक ही दिन में स्मार्ट क्लास बंद होने से अधिकारियों का कहना है कि समाधान यात्रा के कारण जल्दीबाजी में कई काम किए गए। दो दिनों के अंदर सभी कर्मियों को पूरा कर स्मार्ट क्लास की व्यवस्था को दुरूस्त कर लिया जाएगा।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब तैयारी आधी-अधूरी थी तो क्यों सीएम से स्कूल का उद्घाटन कराया गया है। अब सवाल है कि समाधान यात्रा के लिए जल्दीबाजी में जिस तरह से तैयारी की गई उसकी पोल खुल गई है। सवाल प्रशासनिक व्यवस्था पर भी है। इसी तरह के कई अन्य मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH