लखनऊ। इस समय पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है। अकेले बलिया मने ही पिछले तीन दिनों में 54 लोगों की मौत हो गई है। मौतों का कारण पता लगाने के लिए लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी मौतें बढ़ी हैं। देवरिया में पिछले 24 घंटे में 52 लोगों की मौत हुई, इनकी मौत लू से हुई या अन्य कारण से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। बलिया में एक दिन पहले सभी मौतों का कारण लू बता देने पर सीएमएस डा. दिवाकर सिंह का आजमगढ़ स्थानांतरण कर डा. एसके यादव को प्रभार सौंप दिया गया है।
वहीं इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का बेहद ही गैरजिम्मेदाराना बयान सामने आया है। उन्होंने बलिया जिला चिकित्सालय में हुई मौतों पर दुःख जताते हुए कहा कि गर्मी की वजह से मृत्यु दर बढ़ ही जाती है। उन्होंने कहा, “इसके पहले भी गर्मी के मौसम में ऐसा होता रहा है। तो ऐसा नहीं है कि केवल इसी के कारण हो रहा है।” उन्होंने कहा कि आप देख रहे होंगे कि मृतकों में केवल बुजुर्ग लोग ही हैं जो 60-70 साल के ऊपर के ही हैं। ये जनरली होता है। नेचुरल डेथ भी हो रही हैं। मृत्यु स्वाभाविक भी हो रही है सब उससे ही जोड़ कर न देखा जाए।
वहीं उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि इलाज के लिए आने वाले अधिकांश मरीजों की शिकायत है कि उन्हें पहले सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और फिर बुखार की शिकायत हुई। हम यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट और अन्य टेस्ट करवा रहे हैं। बाकी मरीज डर और दहशत से अस्पताल पहुंच रहे हैं।




