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JPSC-JSSC छात्रों का विधानसभा घेराव: बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को उग्र हो गया। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता विफल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरे। विधानसभा कूच के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेड भी तोड़ दिया। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और इसके बाद लाठीचार्ज किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। छात्रों का दावा है कि आंसू गैस के कारण कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।

दूसरे रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र

कंटीली बैरिकेडिंग और पानी की बौछार के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र दूसरे रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंच गए। प्रशासन ने विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं।

सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानीं

रविवार, 9 अगस्त को छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच हुई वार्ता में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए थे। वार्ता के बाद सरकार ने दावा किया कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों को मान लिया गया है। सरकार के मुताबिक, 14वीं JPSC पीटी और ACF परीक्षा को रद्द करने, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित करने जैसे फैसले शामिल हैं। हालांकि, छात्र सरकार के दावों से संतुष्ट नहीं हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी करीब 50 फीसदी मांगों पर ही सहमति बनी है और कई प्रमुख मुद्दे अब भी लंबित हैं।

इन मांगों पर अब भी नहीं बनी सहमति

  • 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति नहीं बनी है।
  • परीक्षाओं की CBI जांच की मांग पर भी सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
  • JPSC के दोबारा गठन की मांग को लेकर छात्र अब भी नाराज हैं।
  • JSSC CGL मामले में छात्र स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

छात्रों के विधानसभा घेराव और पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड में इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। प्रदर्शनकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH