भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। ड्रग्स सिंडिकेट के कथित सरगना और 6000 करोड़ रुपये के मेफेड्रोन ड्रग्स केस के आरोपी वीरेंद्र सिंह बैसोया को दुबई से भारत डिपोर्ट कर लिया गया है। शुक्रवार को उसे एयर इंडिया की फ्लाइट से भारत लाया गया। उसके खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसके बाद दुबई में उसकी गिरफ्तारी हुई। वीरेंद्र बैसोया को दिल्ली पुलिस के चर्चित ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी संदीप धुनिय का करीबी माना जाता है। हालांकि, जांच एजेंसियों के मुताबिक संदीप धुनिय दुबई से पाकिस्तान भागने में सफल रहा और फिलहाल भारतीय एजेंसियों की पहुंच से बाहर है।
अमित शाह बोले- ड्रग माफिया का पूरा नेटवर्क होगा खत्म
गृहमंत्री अमित शाह ने वीरेंद्र बैसोया की गिरफ्तारी को मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों को लगातार ट्रैक कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। शाह ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।
970 किलो मेफेड्रोन लंदन भेजने की थी साजिश
जांच के अनुसार, वीरेंद्र बैसोया अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क का अहम हिस्सा था। उस पर करीब 970 किलो मेफेड्रोन की खेप लंदन भेजने की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले में 21 फरवरी 2024 को पुणे पुलिस ने दिल्ली में कार्रवाई करते हुए दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किया था। दोनों के कब्जे से 970 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि यह खेप डेल्टा लॉजिस्टिक्स के जरिए विदेश भेजी जानी थी।
लॉजिस्टिक्स कंपनी के मालिक और मैनेजर भी गिरफ्तार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दिवेश और संदीपकुमार, वीरेंद्र बैसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे। ड्रग्स की सप्लाई और विदेश भेजने की पूरी व्यवस्था उसी के नेटवर्क के जरिए संचालित हो रही थी। इसी मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह गिरोह लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में ड्रग्स विदेश भेजने की साजिश रच रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वीरेंद्र बैसोया के बेटे ऋषभ बैसोया के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। वह फिलहाल विदेश में बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।




