नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई, जिसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा किया गया था। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मोहम्मद नौमान नामक यूजर ने एक वीडियो साझा करते हुए इसकी सत्यता पर सवाल उठाए थे। पोस्ट में टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध और संभावित गड़बड़ियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नीट-यूजी 2026 की परीक्षा व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। एजेंसी के अनुसार, वायरल वीडियो में किया गया पेपर लीक का दावा पूरी तरह निराधार है और इसका उद्देश्य छात्रों को भ्रमित करना तथा उनमें भय पैदा करना है।
एनटीए ने चेतावनी दी कि ऐसी भ्रामक सामग्री तैयार करना और उसे जानबूझकर प्रसारित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। एजेंसी ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से वीडियो फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि वे केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें तथा अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें।
गौरतलब है कि पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित इस पुनर्परीक्षा में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों सहित विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक किया गया।




