सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और मानहानि के मामले में आया है, जिसमें उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच में सहयोग करना जरूरी है, लेकिन फिलहाल गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पवन खेड़ा को जांच एजेंसियों के सामने पेश होना होगा और उनसे मांगे गए सभी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि पवन खेड़ा ने कुछ बयानों और दस्तावेजों के जरिए जालसाजी और मानहानि से जुड़े अपराध किए। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को सियासी रूप से प्रेरित बताया है।
खेड़ा की ओर से उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि मामला बेबुनियाद है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है। वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पवन खेड़ा को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। हालांकि मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।




