नई दिल्ली। देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद सियासी माहौल तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे महंगाई बढ़ाने वाला फैसला बताया है, जिसका असर सीधे आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ने की बात कही जा रही है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से जनता पहले ही परेशान है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव के बाद कीमतों में इजाफे की आशंका पहले ही जताई गई थी। उनका कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा, बेकरी और छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आम आदमी की जेब और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव दिख सकता है।
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई कोई आंकड़ा भर नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद बाजार नहीं जाते, वे आम जनता की मुश्किलों को समझ नहीं सकते।
अखिलेश यादव ने सरकार से महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की मांग की और संसद में इस पर निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही। विपक्ष का आरोप है कि बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महंगाई का मुद्दा और जोर पकड़ सकता है, क्योंकि आम जनता के बीच इसे लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।




