भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का ऐलान किया। इस फैसले से होम, ऑटो और अन्य लोन लेने वाले करोड़ों लोगों को राहत मिली है, क्योंकि उनकी EMI में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। RBI ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले अप्रैल 2026 की समीक्षा बैठक में भी ब्याज दरों को स्थिर रखा गया था। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर लाया था।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर RBI का भरोसा
मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है और देश वैश्विक झटकों का सामना करने में सक्षम है।
मल्होत्रा ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को व्यापारिक बाधाओं, सप्लाई चेन में व्यवधान, बाजार की अस्थिरता और कारोबारी अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है और हमें विश्वास है कि हम इन चुनौतियों का सीमित प्रभाव के साथ सामना कर सकेंगे।”
EMI पर राहत जारी रहेगी
RBI गवर्नर ने स्पष्ट किया कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है। इससे बैंकों की उधारी लागत में कोई बदलाव नहीं होगा और मौजूदा लोन की EMI पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
वैश्विक चुनौतियों पर RBI की नजर
केंद्रीय बैंक ने माना कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अल-नीनो के कारण मानसून एवं कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव चिंता के विषय बने हुए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए MPC ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। छह सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक बुधवार को शुरू हुई थी, जिसके बाद शुक्रवार को यह फैसला घोषित किया गया।




