लखनऊ/नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के कई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को खड़ा करने में लंबा समय और मेहनत लगती है, ऐसे में नेताओं का पार्टी छोड़ना दुखद होता है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जब स्वार्थ या दबाव में आकर नेताओं ने दल बदला। उनके मुताबिक, अब आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ने इस तरह की स्थितियों का सामना किया है, जहां एजेंसियों का दबाव, स्वार्थ और आर्थिक कारण प्रमुख भूमिका निभाते हैं। दरअसल, हाल ही में राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें अशोक मित्तल संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने पहले राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया था, जिसके बाद 24 अप्रैल को उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। खास बात यह रही कि अशोक मित्तल, जिन्हें बाद में यह जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के कुल 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने की खबर ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सभी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।




