पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सनातन धर्म पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ सिलीगुड़ी पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह मामला वकील रिंकी चटर्जी सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2025 में कोलकाता में आयोजित एक ईद कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर कहा था कि, “जानबूझकर एक ‘गंदा धर्म’ जो इस जुमला पार्टी ने बनाया, उसे हम नहीं मानते।” इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
शिकायतकर्ता रिंकी चटर्जी सिंह का आरोप है कि ममता बनर्जी की टिप्पणी से सनातन धर्म और हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता पहले भी हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं। रिंकी चटर्जी सिंह ने दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2025 में भी इस मामले में शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि वर्ष 2026 के चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने हिंदू समुदाय को परोक्ष रूप से धमकाने की कोशिश की थी।
सिलीगुड़ी पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 351(1) आपराधिक धमकी, धारा 352 शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान और धारा 353 विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए All India Trinamool Congress के दार्जिलिंग जिला महासचिव और वकील अत्रि शर्मा ने भी बयान को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि जब पार्टी सत्ता में थी, तब भी संगठन के भीतर कई लोग इस तरह की टिप्पणियों के खिलाफ थे। उनके मुताबिक, सत्ता में रहते हुए इस तरह की बयानबाजी पूरी तरह गलत थी और आज भी कई पार्टी कार्यकर्ता इसका समर्थन नहीं करते।




