कोलंबो: श्रीलंका क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 में पहली बार प्रस्तावित महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी श्रीलंका से वापस ले ली है। टूर्नामेंट की मेजबानी को लेकर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। हालांकि, अब यह प्रतियोगिता किस देश में आयोजित होगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सरकारी दखल बना बड़ी वजह
ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर ICC लंबे समय से चिंता जताता रहा है। ICC के नियमों के तहत सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्ड को सरकारी हस्तक्षेप से स्वतंत्र होकर काम करना होता है। बताया जा रहा है कि ICC की ओर से श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन को व्यवस्था में सुधार करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। इसके बाद ICC ने श्रीलंका से महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी वापस लेने का फैसला किया।
अक्टूबर में सामने आएगा नए मेजबान का नाम
श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारी प्रकाश शैफ्टर ने भी टूर्नामेंट को देश से बाहर शिफ्ट किए जाने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, प्रतियोगिता अब श्रीलंका में नहीं होगी। हालांकि, नए मेजबान देश के नाम पर अभी मुहर नहीं लगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टूर्नामेंट को तय कार्यक्रम के मुताबिक ही आयोजित करने की तैयारी है। इसके नए मेजबान का ऐलान ICC की अक्टूबर में होने वाली बोर्ड बैठक के दौरान किया जा सकता है। इस दौड़ में भारत का नाम भी सामने आ रहा है।
छह टीमें लेंगी हिस्सा
2027 की महिला चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर तय प्रारूप के अनुसार छह टीमों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसमें मेजबान देश के अलावा रैंकिंग के आधार पर शीर्ष टीमों को जगह मिलेगी। श्रीलंका की महिला टीम इस समय ICC रैंकिंग में छठे स्थान पर बताई जा रही है। ऐसे में मेजबानी गंवाने के बाद टीम के सीधे टूर्नामेंट में पहुंचने को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। अगर मेजबान होने के आधार पर मिलने वाला स्थान खत्म होता है, तो श्रीलंका को अपनी रैंकिंग के जरिए क्वालिफिकेशन हासिल करना पड़ सकता है।
तीन साल में दूसरी बार लगा बड़ा झटका
श्रीलंका से किसी बड़े ICC टूर्नामेंट की मेजबानी वापस लिया जाना नया मामला नहीं है। इससे पहले 2023 में भी ICC ने श्रीलंका से 2024 पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी छीन ली थी। उस समय भी क्रिकेट बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर विवाद सामने आया था और बाद में टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में कराया गया था। अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी गंवाना श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।




