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बिहार में सत्ता की जंग रोमांचक मोड़ पर, एग्जिट पोल में एनडीए-महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान पूरा हो चुका है और इसके बाद सभी प्रमुख एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं। इन सर्वेक्षणों में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला दिखाया गया है। कुछ एग्जिट पोल में जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार बनने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ सर्वेक्षणों में तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन को बढ़त दिखाई गई है।

बिहार में एनडीए गठबंधन में जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय जनता पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तान अवामी मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। मतदान के बाद आए अधिकांश सर्वेक्षणों में एनडीए को बहुमत के करीब या उससे आगे दिखाया गया है।

‘मैट्रिज’ सर्वे के मुताबिक एनडीए को 147 से 167 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को 70 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है। जन सुराज को शून्य से दो सीटें मिल सकती हैं।

‘दैनिक भास्कर’ के एग्जिट पोल में एनडीए को 145 से 160 सीटें और महागठबंधन को 73 से 91 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

वहीं ‘चाणक्या स्ट्रेटजीज’ के सर्वेक्षण के अनुसार एनडीए को 130 से 138 सीटें और महागठबंधन को 100 से 108 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को तीन से पांच सीटें मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल आने के बाद महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां के अधिकारियों के साथ विशेष बैठकें की गईं, जबकि जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वहां के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया। तेजस्वी ने कहा कि फ्लैग मार्च से कुछ नहीं होगा, अगर वोट चोरी करने की कोशिश हुई तो जनता उसका जवाब देगी।

अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि बिहार की सत्ता पर फिर से नीतीश कुमार का दबदबा रहेगा या तेजस्वी यादव नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH