देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा में धंसी निर्माणाधीन सुरंग में 41 मजदूरों को फंसे हुए आज 16 दिन हो गए हैं। पहले ड्रिल करने वाली ऑगर मशीन टूटने से रेस्क्यू आपरेशन को झटका लगा अब बचाव अभियान पर कुदरत के कहर का खतरा भी मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आज सोमवार से तीन दिनों तक भारी बारिश के साथ बर्फबारी की चेतावनी दी है, जिसकी वजह से बचाव अभियान में और मुश्किलें आ सकती हैं। विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के ऊपरी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से भारी बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है. सिलक्यारा, बड़कोट उत्तरकाशी के वो इलाके हैं जहां भारी बर्फबारी होती है।
आमतौर मौसम के खराब होने के वक्त यहां पर भूस्खलन का खतरा भी बना रहता है। यही वजह है किस किसे के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ रही हैं। ऐसे में जितना जल्दी हो रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के कोशिशें तेज हो गई हैं। दरअसल बारिश और बर्फबारी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि पहाड़ी मिट्टी बारिश या बर्फबारी के बाद हल्की होने लगती है। ऐसे में हल्की होने की वजह से मिट्टी धंसना शुरू हो जाती है और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। अब रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर डाली गई पाइप भी मिट्टी के सहारे ही टिकी हुई है। ऐसे में बारिश के बाद अगर मिट्टी धंसी तो पाइप भी निकल सकता है। ऐसे में मजदूरों के बाहर आने के रास्ते पर भी असर पड़ सकता है।
यानी बारिश और बर्फबारी 41 लोगों के साथ-साथ उनके परिजनों और पूरे देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। यही नहीं लोगों की मानें बारिश और मौसम बिगड़ने की वजह से बिजली की सप्लाइ पर भी सीधा असर पड़ता है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ विक्रम सिंह के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश ओलावृष्टि और 3500 मीटर की ऊंचाई पर बर्फबारी होने की संभावना है। इन इलाकों में घना कोहरा भी छाएगा, जिसकी वजह से सड़क और रेल यातायात में भी परेशानी होगी।




