InternationalTop News

ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन की तैयारी, PM स्टार्मर ने किया बड़ा ऐलान

बच्चों को डिजिटल दुनिया के संभावित खतरों से बचाने के लिए ब्रिटेन सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही गेमिंग और लाइवस्ट्रीमिंग सेवाओं पर भी कड़े नियम लागू किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने फिलहाल उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के नामों का खुलासा नहीं किया है, जिन पर यह प्रतिबंध लागू होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि नया नियम अगले वर्ष की शुरुआत से प्रभावी हो सकता है।

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

इस प्रस्ताव की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन नुकसान और नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए सख्त कदम उठाना समय की मांग है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के नियमों को लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने होंगे। टेक कंपनियों के संभावित विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार्मर ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

दुनिया के कई देश अपना चुके हैं सख्त नियम

ब्रिटेन इस दिशा में कदम उठाने वाला अकेला देश नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे देशों में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर आयु-आधारित प्रतिबंध लागू किए जा चुके हैं या उन पर काम चल रहा है। वहीं फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया भी ऐसे नियमों पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने दावा किया कि ब्रिटेन का प्रस्तावित कानून दुनिया के सबसे सख्त ऑनलाइन सुरक्षा कानूनों में से एक हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि यह ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा मॉडल से भी अधिक कड़ा हो सकता है।

कब लागू होगा नया कानून?

ब्रिटिश सरकार की योजना है कि इस विधेयक को क्रिसमस से पहले संसद से पारित कराया जाए। यदि प्रक्रिया तय समय के अनुसार पूरी होती है, तो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध और अन्य डिजिटल सुरक्षा नियम अगले साल की शुरुआत से लागू हो सकते हैं।सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों से बचाने और उनके लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH