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31 मार्च से अब तक लगभग 65 प्रतिशत कोविड टेस्ट ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए है: नवनीत सहगल

लखनऊ। अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’ नवनीत सहगल ने बताया कि कोविड नियंत्रण करने में मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में 3टी की विशेष रणनीति अपनाई गयी है। 3टी की विशेष रणनीति में एक अभिनव करते हुए आंशिक कोरोना कर्फ्यू तथा टीकाकरण अभियान को जोड़ा गया है। इन पांच तत्वों का अभियान चलाकर कोविड संक्रमण को नियत्रित करने में सफलता मिली है। प्रदेश में संक्रमण अन्य प्रदेशों तथा उत्तर प्रदेश की जनसंख्या के बराबर वाले दुनिया के अन्य देशों की अपेक्षा कम है। मुख्यमंत्री द्वारा कोविड संक्रमण के दृष्टिगत निरन्तर सम्बन्धित विभागों के मंत्रियों तथा अधिकारियों के साथ टीम-9 की बैठक की जा रही है। आंशिक कोरोना कर्फ्यू में जीवन और जीविका दोनों को बचाने के उद्देश्य से आंशिक कोरोना कर्फ्यू में औद्योगिक गतिविधियां, आर्थिक गतिविधियां, कृषि से संबंधित खाद, बीज, कृषि उपकरणों की मरम्मत, आवश्यक सामग्रियों से संबधित आवागमन तथा उनसे सम्बन्धित दुकानें भी खुली रखी गयी थी। मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 के लिए चलाये जा रहे अभियान की जमीनी हकीकत की समीक्षा एवं निरीक्षण 40 जनपदों तथा 18 मण्डलों का भ्रमण करके किया गया है। मुख्यमंत्री जी द्वारा भ्रमण के दौरान कोविड-19 की समीक्षा की गई है, ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमित लोगों से उनका हालचाल लिया गया है तथा बनाये गये कन्टेनमेन्ट जोन का निरीक्षण भी किया गया है।

नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश में टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। आज रिक्शा, टैम्पों व बस चालक एवं कन्डेक्टर, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों तथा फल-सब्जी वालों का विशेष टीकाकरण अभियान के चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज लखनऊ में विशेष अभियान से जुड़े एक बूथ का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री द्वारा इस माह 06 लाख तथा अगले माह से 10 लाख प्रतिदिन टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। माह जून में 01 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। तीन महीनों में 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंनेे बताया कि अभिभावक स्पेशल अभियान के तहत 12 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के अभिभावकों का टीकाकरण कराया जा रहा है। इसी तरह महिला स्पेशल अभियान के तहत बूथ बनाकर महिलाओं का टीकाकरण कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से निगरानी समितियों द्वारा ट्रेसिंग के तहत घर-घर जाकर संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि 97000 ग्रामीण पंचायतों में 5 मई, 2021 से एक विशेष अभियान चलाकर, जिसमें लगभग 80 हजार निगरानी समितियों द्वारा घर-घर जाकर उन लोगों का जिनमें किसी प्रकार के संक्रमण के लक्षण होने पर उनका एन्टीजन टेस्ट भी कराया जा रहा है। अगर एन्टीजन टेस्ट निगेटिव आ रहा है और लक्षण हैं तो उनका आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जा रहा है, इसके साथ-साथ लगभग 12 लाख से अधिक मेडिकल किट भी बांटी गयी है। उन्होंने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना गया है। प्रदेश में संक्रमण कम होने पर भी कोविड-19 के टेस्टों की संख्या में निरन्तर बढ़ोत्तरी की जा रही है, ताकि संक्रमित व्यक्ति की पहचान करके इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक टेस्ट कराये जा रहे हैं। 31 मार्च से अब तक लगभग 65 प्रतिशत कोविड टेस्ट ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए है।

सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा टीम 9 की बैठक में स्मार्ट सिटी तथा अमृत योजना मंे तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। उन्होनें बताया कि औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लायी जा रही है। अगले सप्ताह बैंकों में समन्वय करके बड़ा लोन मेला आयोजित किया जाएगा। पिछले चार वर्षों में लगभग 75 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां स्थापित की गयी थी। इस वर्ष लगभग 30 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां स्थापित का लक्ष्य रखा गया है। इन इकाईयों के माध्यम से लगभग 80 से 90 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आॅक्सीजन समुचित मात्रा में उपलब्ध है। प्रदेश में आक्सीजन की कोई समस्या भविष्य में न हो इसके लिए 427 आक्सीजन प्लाण्ट अस्पतालों में लगाये जा रहे हैं, जिसमें से 83 प्लाण्ट क्रियाशील हो गए हैं। उन्होंने बताया कि संभावित कोविड की तीसरी लहर के तहत सभी मेडिकल कालेज में 100-100 बेड पीआईसीयू के, हर जिला अस्पताल में 20-20 बेड पीआईसीयू के और कम से कम दो सीएससी में पीकू/नीकू के बेड बढ़ाये जा रहे हैं। जिसे 20 जून, 2021 तक पूरा करने का समय दिया गया है। इसके साथ-साथ सभी सीएचसी में 20-20 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल को खरीदे जाने की प्रक्रिया कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए तेजी से चल रही है। गेहँू क्रय अभियान में किसानों से 52,66,689.16 मी0 टन गेहूँ खरीदा गया है, जो विगत वर्ष से तीन गुना अधिक है। यह खरीद 11 लाख से अधिक किसानों से की गयी है, जो सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि अगली फसल के लिए खाद बीज आदि किसानों को उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग को निर्देशित किया गया है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH