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‘अब बोलने के लिए बचा ही क्या है…’, गिरफ्तारी पर छलका आजम खान का दर्द, ED ने कोर्ट में किया पेश

गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया. रविवार को ईडी की टीम आजम खान को गाजियाबाद स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश करने पहुंची. जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ के लिए कोर्ट से कस्टडी रिमांड की मांग की है.

दरअसल, आजम खान को पैन कार्ड से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा किया गया था. हालांकि, जेल के बाहर आने के करीब 15 मिनट के भीतर ही ईडी ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया. यह मामला रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है.

गिरफ्तारी के बाद आजम खान ने क्या कहा?

गिरफ्तारी के दौरान जब मीडिया ने आजम खान से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहेंगे, तो उन्होंने निराशा भरे अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा, “अब बोलने के लिए बचा ही क्या है.” उनके इस बयान की राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है.

अखिलेश यादव ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

आजम खान की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई है. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और सत्ता पक्ष पर निशाना साधा. सपा की ओर से इस मामले को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है ED

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी पहले ही करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है. अब जांच एजेंसी आजम खान से पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी चाहती है. इसी सिलसिले में अदालत में रिमांड अर्जी पर सुनवाई हो रही है.

फिलहाल कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं. यदि ईडी की रिमांड अर्जी मंजूर होती है तो एजेंसी आजम खान से पूछताछ कर सकेगी. वहीं, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की स्थिति में उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जा सकता है.

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH