Top NewsUttar Pradesh

सीएम योगी ने मिल्खा सिंह के निधन पर जताया दुःख, कहा- उनका जाना खेल जगत की अपूरणीय क्षति

लखनऊ। ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीट मिल्खा सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने 91 वर्ष की आयु में दम तोड़ दिया। उधर, सीएम योगी ने मिल्खा सिंह के निधन पर दुःख प्रकट किया है। सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा, सुविख्यात धावक, ‘पद्मश्री’ से सम्मानित ‘फ्लाइंग सिख’ श्री मिल्खा सिंह जी का निधन खेल जगत की अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन राष्ट्र के लिए अप्रतिम प्रेरणा है। प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवम्बर 1929 गोविंदपुरा (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा हैं) में एक सिख परिवार में हुआ था। उनका बचपन बेहद कठिन दौर से गुजरा। भारत के विभाजन के बाद हुए दंगों में मिल्खा सिंह ने अपने मां-बाप और कई भाई-बहन को खो दिया। उनके अंदर दौड़ने को लेकर एक जुनून बचपन से ही था। वो अपने घर से स्कूल और स्कूल से घर की 10 किलोमीटर की दूरी दौड़ कर पूरी करते थे।

पाकिस्तान में उस समय एथलेटिक्स में अब्दुल खालिक का नाम बेहद मशहूर था। उन्हें वहां का सबसे तेज धावक माना जाता था। यहां मिल्खा सिंह का मुकाबला उन्हीं से था। अब्दुल खालिक के साथ हुई इस दौड़ में हालात मिल्खा के खिलाफ थे और पूरा स्टेडियम अपने हीरो का जोश बढ़ा रहा था लेकिन मिल्खा की रफ्तार के सामने खालिक टिक नहीं पाए। रेस के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने मिल्खा सिंह को ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया और कहा ‘आज तुम दौड़े नहीं उड़े हो। इसलिए हम तुम्हें फ्लाइंग सिख का खिताब देते हैं।’ इसके बाद से ही वो इस नाम से दुनिया भर में मशहूर हो गए। खेलों में उनके अतुल्य योगदान के लिये भारत सरकार ने उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से भी सम्मानित किया है।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH