गुजरात का पवित्र सोमनाथ मंदिर आज भक्ति, संस्कृति और परंपरा के रंग में सराबोर नजर आएगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi सोमवार को ‘सोमनाथ अमृतपर्व-2026’ में शामिल होंगे, जिसके लिए मंदिर परिसर में भव्य तैयारियां की गई हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यहां कला और संस्कृति का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा। सोमनाथ अमृतपर्व मंदिर के पुनर्निर्माण और उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस खास मौके पर पूरे सोमनाथ क्षेत्र को पीले और केसरिया फूलों से सजाया गया है। भक्तों में भी कार्यक्रम को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर परिसर में 75 ढोल, नासिक ढोल और पारंपरिक ‘तूती’ वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच उनका स्वागत होगा। वहीं 100 युवतियां पारंपरिक ‘कलश नृत्य’ प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगी। इसके अलावा डमरू वादन और शंखनाद की विशेष प्रस्तुतियां भी माहौल को भक्तिमय बनाएंगी।
गुजरात के ईडर से पहुंचे कलाकार भगवान शिव के परिवार की वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। वहीं ओडिशा के कलाकार भगवान शिव और सोमनाथ मंदिर को दर्शाती आकर्षक रेत कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
सोमनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर भारतीय आस्था, संस्कृति और सभ्यतागत विरासत का प्रमुख प्रतीक है। इतिहास में कई बार हमलों का सामना करने के बावजूद हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ और यह देश की आस्था का मजबूत केंद्र बना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मंदिर की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे।
सोमनाथ कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री वड़ोदरा पहुंचेंगे, जहां वे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे। इस छात्रावास में 1000 लड़कों और 1000 लड़कियों के रहने की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही यहां आधुनिक पुस्तकालय, केंद्रीय भोजन कक्ष और सभागार जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रविवार देर रात सोमनाथ मंदिर पहुंचे और प्रधानमंत्री के दौरे व अमृतपर्व कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।




