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ऊर्जा संकट पर सरकार अलर्ट, PM मोदी की अपील के बाद पेट्रोलियम मंत्री ने बताई तेल कंपनियों की हालत

वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद केंद्र सरकार ने ऊर्जा बचत को लेकर बड़ा संदेश दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां भारी आर्थिक दबाव झेल रही हैं और उन्हें हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंत्री के अनुसार, मौजूदा तिमाही में तेल कंपनियों का कुल नुकसान करीब 1,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि अंडर-रिकवरी 2,00,000 करोड़ रुपये तक जाने का अनुमान है।

PM की अपील को ‘जन आंदोलन’ बनाने की मांग

हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए देशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को ‘जन आंदोलन’ में बदलने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोग पेट्रोल और डीजल का सीमित उपयोग करें, जहां संभव हो वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें और कारपूलिंग को अपनाएं। उन्होंने कहा कि इन कदमों से देश को ऊर्जा बचाने, आयात बिल कम करने और वैश्विक सैन्य संघर्षों से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव

पुरी ने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां ऊर्जा की कीमतों में आम जनता के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है और लगातार सप्लाई बनाए रखी गई है। उन्होंने कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे दामों पर कच्चा तेल, गैस और LPG खरीद रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कम कीमत पर बेच रही हैं। इसी वजह से कंपनियों को प्रतिदिन भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने रिटेल ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी भी घटाई, जिससे हर महीने करीब 14,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद सरकार ऊर्जा सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दे रही है।

PM मोदी ने जनता से की ये बड़ी अपीलें

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वैश्विक युद्ध और संकट का असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कोरोना काल की याद दिलाते हुए लोगों से फिर से कुछ एहतियाती और बचत वाले कदम अपनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री की प्रमुख अपीलें:

1. वर्क फ्रॉम होम को फिर से अपनाएं

2. पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल संयम से करें

3. सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो यात्रा को प्राथमिकता दें

4. कारपूलिंग अपनाएं

5. गैर-जरूरी विदेश यात्राएं कम से कम एक साल के लिए टालें

6. गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें

सरकार का कहना है कि अगर देशवासी सामूहिक रूप से इन उपायों को अपनाते हैं, तो ऊर्जा संकट और बढ़ते आयात दबाव से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH