नई दिल्ली। बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर कई हमले करने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि 4 मई से 14 मई के बीच अलग-अलग इलाकों में किए गए 18 हमलों में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत 31 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा कि संगठन के लड़ाकों ने आईईडी विस्फोट, घात लगाकर हमला और हाईवे नाकेबंदी जैसी कई कार्रवाइयों को अंजाम दिया। ये हमले बलूचिस्तान के नोशकी, मस्तुंग, कलात, केच, ग्वादर, पंजगुर और दलबंदीन समेत कई इलाकों में किए गए।
बीएलए ने दावा किया कि सबसे बड़ा हमला 13 मई को चामलांग के बाला डाक क्षेत्र में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया गया। संगठन के मुताबिक, पहले रिमोट कंट्रोल आईईडी से एक सैन्य वाहन को उड़ाया गया और बाद में दूसरे वाहन पर भारी हथियारों से हमला किया गया। इस हमले में अधिकारी तौसीफ भट्टी समेत आठ सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा मस्तुंग इलाके में क्वेटा-ताफ्तान हाईवे पर चल रहे वाहनों के काफिले और सुरक्षा दल पर हमले की बात भी कही गई है। बीएलए का दावा है कि इस कार्रवाई में खनिज ले जा रहे कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और सुरक्षा बलों के जवान मारे गए। संगठन ने दलबंदीन और नोशकी क्षेत्रों में भी कई घंटों तक नाकेबंदी और जांच अभियान चलाने का दावा किया है। वहीं 14 मई को मस्तुंग के ड्रिंगार्ह इलाके में सरकारी इमारतों और पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर हथियार और गोला-बारूद ले जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, पाकिस्तानी सरकार या सेना की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों और उग्रवादी संगठनों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।




