बिहार के जमुई जिले में ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति, लाखों की नकदी और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक गोपाल कुमार ने अपनी ज्ञात आय से करीब 2 करोड़ रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत ज्यादा बताई गई है।
EOU ने 16 मई को गोपाल कुमार के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 39.65 लाख रुपए नकद, करीब 47 लाख रुपए के ज्वेलरी इनवॉयस, 424 ग्राम से ज्यादा सोने के आभूषण और लगभग 1 किलो चांदी के जेवर बरामद किए गए। बरामद सोने की मौजूदा कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है। जांच में पटना के सगुना मोड़ स्थित JB Mall में दो व्यावसायिक दुकानों का भी पता चला, जिनकी कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा दानापुर बाजार समिति के पास 1.25 कट्ठा जमीन पर बन रहे G+3 भवन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इस जमीन का निबंधन मूल्य करीब 35 लाख रुपए है।
तलाशी के दौरान दानापुर स्थित लक्ष्मी कॉटेज में एक 4BHK फ्लैट के लिए 80 लाख रुपए नकद भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए। इसके साथ ही Hyundai i10 कार और एक स्कूटी भी मिली है। EOU को गोपाल कुमार के आवास से ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े कई सरकारी दस्तावेज और फाइलें भी मिली हैं। इन्हें लेकर विभाग को अलग से जानकारी दी जाएगी।
जमुई स्थित किराए के मकान से 8 लाख रुपए से अधिक नकद और Hyundai Creta कार बरामद हुई है। यह वाहन सुरेंद्र मोहन नाम के व्यक्ति के नाम पर खरीदा गया था, जिसकी कीमत करीब 19 लाख रुपए बताई गई है। जांच में तीन बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा होने की जानकारी भी सामने आई है। गोपाल कुमार ने अक्टूबर 2008 में बिहार सरकार में नौकरी शुरू की थी। साल 2022 में उन्हें प्रमोशन देकर कार्यपालक अभियंता बनाया गया था। अब जांच एजेंसियां उनकी संपत्ति और लेनदेन की विस्तृत जांच में जुटी हैं।




