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तमिलनाडु BJP को बड़ा झटका! के. अन्नामलाई ने छोड़ी पार्टी, नई राजनीतिक पारी की अटकलें तेज

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में खुद को हाशिये पर महसूस किए जाने के बाद अन्नामलाई ने यह कदम उठाया है। उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

नई पार्टी बनाने की तैयारी?

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई जल्द ही अपने अगले राजनीतिक कदम का ऐलान कर सकते हैं। चर्चाएं हैं कि वह एक नया राजनीतिक दल बनाकर स्वतंत्र रूप से राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले 2 जून को उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी हुई थी। बताया जा रहा है कि अन्नामलाई BJP से बिना किसी टकराव के सम्मानजनक तरीके से अलग होना चाहते थे।

BJP से नाराजगी की प्रमुख वजहें

1. AIADMK के साथ गठबंधन पर असहमति

अन्नामलाई लंबे समय से BJP और AIADMK के बीच गठबंधन के विरोधी रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP ने तमिलनाडु में अकेले चुनाव लड़ा था और 11.24 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। कोयंबटूर से चुनाव लड़ रहे अन्नामलाई को भी हार का सामना करना पड़ा। बाद में BJP द्वारा AIADMK के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिशों से वह असहज बताए गए।

2. प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना

अन्नामलाई ने 2021 से 2025 तक तमिलनाडु BJP की कमान संभाली। उनके कार्यकाल में पार्टी की राज्य में सक्रियता और जनाधार बढ़ा। हालांकि अप्रैल 2025 में BJP ने उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि AIADMK नेतृत्व ने गठबंधन वार्ता के लिए यह शर्त रखी थी। अन्नामलाई की AIADMK के खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियां भी दोनों दलों के रिश्तों में तनाव की वजह बनी थीं।

3. विधानसभा चुनाव में अनदेखी

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान अन्नामलाई की नाराजगी खुलकर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के अहम फैसलों में उनकी भूमिका सीमित कर दी गई थी। इसी असंतोष के चलते उन्होंने चुनाव लड़ने से भी इनकार कर दिया।

4. नीतिगत मुद्दों पर मतभेद

अन्नामलाई कई बार पार्टी की नीतियों पर अलग राय रखते नजर आए। उन्होंने तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति लागू करने की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे और केंद्र सरकार से इस संबंध में पुनर्विचार करने की मांग भी की थी।

5. चुनावी रणनीति को लेकर असहमति

गठबंधन प्रबंधन, उम्मीदवार चयन और सीट बंटवारे जैसे मुद्दों पर भी अन्नामलाई और BJP नेतृत्व के बीच मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। माना जा रहा है कि यही असंतोष धीरे-धीरे उनके पार्टी छोड़ने की वजह बना। अब सबकी नजर अन्नामलाई के अगले राजनीतिक कदम पर है। यदि वह नई पार्टी बनाते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH