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शपथ के 72 घंटे में ही DK शिवकुमार सरकार में बगावत! मंत्री पद से रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा, वादाखिलाफी का लगाया आरोप

कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार शपथ ग्रहण के महज 72 घंटे के भीतर ही राजनीतिक संकट का सामना करती नजर आ रही है। मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कैबिनेट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है।मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 3 जून को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। इसके बाद सरकार में विभागों का आवंटन किया गया, जिसमें रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग (वाटर रिसोर्सेज) की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, रेड्डी बेंगलुरु विकास विभाग नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

पार्टी नहीं, सिर्फ मंत्री पद छोड़ा

इस्तीफे के बाद रामलिंगा रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उनका कांग्रेस पार्टी से कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं अभी भी कांग्रेस का हिस्सा हूं। मैंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। पिछले 53 वर्षों से मैं कांग्रेस से जुड़ा हूं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभाता रहा हूं। मैंने कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के रूप में काम किया है, लेकिन कभी किसी पद की मांग नहीं की।”

विभागों के बंटवारे पर जताई नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, विभागों के आवंटन को लेकर हुई एक बैठक के दौरान रेड्डी ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को वर्ष 2023 में किए गए उस कथित वादे की याद भी दिलाई, जिसमें भविष्य में कैबिनेट फेरबदल के दौरान उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग सौंपने की बात कही गई थी।

‘मुझे बार-बार भरोसा दिया गया था’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामलिंगा रेड्डी ने दावा किया कि डीके शिवकुमार ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा, “डीके शिवकुमार मेरे घर आए थे और कहा था कि जब मैं मुख्यमंत्री बनूंगा तो बेंगलुरु विकास विभाग छोड़ दूंगा और आप इसे संभाल लीजिए।”

रेड्डी ने बताया कि शपथ ग्रहण से एक दिन पहले भी उन्हें यही भरोसा दिया गया था कि यह विभाग उन्हें ही मिलेगा। उन्होंने कहा, “मैंने कभी इस मंत्रालय की मांग नहीं की थी, लेकिन बार-बार आश्वासन दिया गया। अब जब मुझे जल संसाधन विभाग दिया गया है तो मैं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा हूं। रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे ने नई सरकार के सामने शुरुआती दिनों में ही राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अगली रणनीति पर टिकी है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH