पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने हरिद्वार में धर्म परिवर्तन कर हिंदू धर्म अपना लिया। यह प्रक्रिया धार्मिक संगठनों और साधु-संतों की मौजूदगी में नमामि गंगे घाट पर पूरी कराई गई, जहां परिवार ने गंगा स्नान और शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। धर्म परिवर्तन करने वाले शहजाद ने अपना नाम बदलकर शंकर रख लिया, जबकि उनकी पत्नी ने सावित्री नाम अपनाया। इस दौरान अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के महामंत्री रामविशाल दास महाराज, श्री कृष्ण सनातन सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कृष्ण, अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी और प्रबोधानंद गिरी महाराज मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में विधि-विधान से हवन और यज्ञ भी कराया गया।
शंकर ने हिंदू धर्म और भगवान शिव में अपनी आस्था जताते हुए इसे ‘घर वापसी’ बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने ही समुदाय के कुछ लोगों से जान का खतरा है। बाबा हठयोगी ने बताया कि वैदिक परंपरा के अनुसार पूरे परिवार का गंगा तट पर शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने कहा कि पहले उनका नाम शहजाद था, अब वे शंकर बन चुके हैं और पूरी धार्मिक प्रक्रिया के बाद उन्हें सनातन धर्म की जानकारी भी दी जाएगी। उनका यह भी कहना था कि परिवार के पूर्वज मूल रूप से हिंदू थे और अब उन्होंने पुनः उसी धर्म को अपनाया है।
गौरतलब है कि धर्म परिवर्तन वह प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने वर्तमान धर्म को छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार करता है। इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन एक ही परिवार के पांच सदस्यों का एक साथ धर्म परिवर्तन करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।




