बलिया/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक पहुंच रहे हैं।
नेताओं ने जताया शोक
बसपा प्रमुख मायावती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, विनम्रता और सौम्य व्यवहार के कारण सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध थे।
मायावती ने परिवार को दिया भरोसा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने शोक संदेश में उमाशंकर सिंह के निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़ी है। मायावती ने यह भी कहा कि वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी और परिवार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और जनसंपर्क के कारण वे पूर्वांचल की राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे।




