कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान आज कानपुर देहात जिले में एक पंचायत कार्यक्रम के दौरान भड़क उठे। मंत्री जी दो घंटे तक चौपाल लगाकर बैठे रहे, लेकिन एसडीएम और तहसीलदार सहित कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने फोन पर डीएम साहब से बात करते हुए साफ कह दिया कि “पंचायतों का मजाक बना रखा है। यहां पंचायत चल रही है और कोई अधिकारी नहीं है।
SDM-तहसीलदार कोई नहीं है।”यह घटना आज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एक वीडियो में मंत्री राकेश सचान को मंच पर बैठे फोन पर बात करते और माइक पकड़े हुए देखा जा सकता है। वे गुस्से में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। कार्यक्रम के बैनर से साफ है कि यह कानपुर देहात जिले में आयोजित कोई सरकारी पंचायत या जनसुनवाई संबंधी कार्यक्रम था।जिलाधिकारी कपिल सिंह (आईएएस) कानपुर देहात जिले के वर्तमान जिलाधिकारी हैं।
मंत्री के गुस्से ने जिले के प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अधिकारी जनता से जुड़े कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक सही समय पर नहीं पहुंच पाता।मंत्री राकेश सचान कानपुर देहात क्षेत्र के वरिष्ठ नेता हैं और अक्सर जनसुनवाई तथा विकास कार्यों के लिए क्षेत्र का दौरा करते रहते हैं। आज की घटना से साफ है कि वे पंचायत स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही पर सख्त रुख अपनाते हैं।वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि “अधिकारी किसी को कुछ नहीं समझते, सब बेलगाम हैं”। कुछ यूजर्स ने हाईकोर्ट के हालिया बयान का भी जिक्र किया है।जिलाधिकारी कपिल सिंह के नेतृत्व में कानपुर देहात प्रशासन ने हाल ही में कई विकास परियोजनाओं और जनसुनवाई कार्यक्रमों को संचालित किया है। हालांकि, आज की घटना से यह साफ हो गया कि पंचायत स्तर पर अधिकारी उपस्थिति सुनिश्चित करने में कमी रह गई।मंत्री राकेश सचान के इस गुस्से ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी कपिल सिंह इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और अधिकारियों की अनुपस्थिति पर क्या जवाब देते हैं। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय कितना जरूरी है, खासकर पंचायत जैसे जन-केंद्रित कार्यक्रमों में।




