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इंजीनियर शिवांग हत्याकांडः चुनाव में वोट नहीं दिया तो प्रत्याशी ने कर दी इंजीनियर की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चंदखुरी में हुए बहुचर्चित इंजीनियर शिवांग हत्याकांड का पुलिस ने बीते शुक्रवार खुलासा कर दिया है। इस मामले में  मुख्य आरोपी अशोक देशमुख सहित कुल तीन आरोपियों को चंदखुरी से  गिरफ्तार किया है। मुख्य आरेापी अशोक देशमुख ने पंच चुनाव हारने व रेगहा की जमीन को लेकर हुए विवाद को लेकर शिवांग चंद्राकर की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की थी। इस साजिश में अशोक के दो दोस्तों ने भी उसका साथ दिया था।

दुर्ग संभाग के आईजी ओपी पॉल ने इंजीनियर शिवांग हत्याकांड का खुलासा किया। आईजी पाल ने बताया कि घटना बीते 7 दिसम्बर की थी। जब मरोदा में रहने वाला शिवांग चंद्राकर चंदखुरी स्थित अपने फॉर्म हाउस से वापस अपने घर जा रहा था। इसी दौरान अशोक चंद्राकर ने उसे लिफ्ट के बहाने से रुकवाया और फिर उसके दो दोस्त विक्की और बसंत ने मिलकर शिवांग की नायलोन की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी और उसके बाद उसके मृत शरीर को एक खेत में गड़ा दिया और फरार हो गए।

दुर्ग रेंज के आईजी ओपी पॉल ने बताया कि घटना के बाद 7 जनवरी को पुलिस को एक खेत से नरकंकाल मिला था, जिसमें मानव मुंड, हड्डियों के टुकडे़ और कुछ कपडे़ और घड़ी शामिल थी। कपडे़ और घड़ी से शिवांग का होना प्रतीत हो रहा था, लेकिन इसकी पुश्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया गया, जिसमें शिवांग के शरीर की ही हड्डियां होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस बारीकी से हर पहलुओं में जांच कर रही  थी। इसी बीच पुलिस ने शंका के आधार पर विक्की देशमुख को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 7 दिसंबर को वो घर पर ही था, जबकि उसके मोबाइल पर पत्नी के नंबर से 7 अधिक मिस्ड कॉल थे।

इसपर पुलिस ने आरोपी की पत्नी से पूछा तो उसने बताया कि अशोक कहीं बाहर गया था और कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। इसलिए कई बार कॉल किए। इसके बाद पुलिस ने अशोक से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल कर लिया। अशोक ने बताया कि पिछले पंचायत चुनाव में वो पंच प्रत्याशी के रूप में मैदान में था, लेकिन चार वोट से उसे हार का सामना करना पड़ा। उसे शक था कि शिवांग और उसके परिवार वालों ने ही उसे वोट नहीं दिया है। इसके अलावा करीब 17 एकड़ खेत को रेगहा में लेने को लेकर भी दोनों परिवारों में विवाद था। इसके चलते ही उसने हत्या की साजिश रची। इसके बाद मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने 500 लोगों से पूछताछ की और 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाले. इसके बाद आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।