नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वह किसी भी वक्त गिरफ्तार किए जा सकते हैं। इससे बचने के लिए वो फरार हो गए हैं। खबर है कि उनकी वकीलों की टीम अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख करने वाली थी। इमरान पर एंटी टैरेरिज्म एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। एफआईआर में कहा गया है कि खान के भाषण के चलते पुलिस, न्यायाधीशों और देश में डर और अनिश्चितता का माहौल है।
दरअसल इमरान खान ने शनिवार रात एक भाषण के दौरान पाकिस्तान पुलिस और जजों को धमकी दे दी। इसके बाद पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने इमरान खान के भाषणों के लाइव टेलिकास्ट पर फौरन रोक लगा दी। पुलिस भी कानूनी कार्रवाई करने जा रही है।
इमरान ने 20 अगस्त को इस्लामाबाद के F9 पार्क में आयोजित एक रैली के दौरान कहा था- पाकिस्तान की पुलिस किसी के निर्देश पर मेरे पार्टी लीडर्स को गिरफ्तार कर रही है। जब मैंने पुलिस से पूछा कि शहबाज गिल को क्यों गिरफ्तार किया गया है, तो पुलिस का कहना था कि वे सिर्फ ऑडर्स फॉलो कर रहे हैं। इतना ही नहीं, खान ने एक महिला जज पर अपनी पार्टी के खिलाफ पक्षपात वाला रवैया अपनाने का आरोप लगाया और उसे देख लेने की धमकी दी। उन्होंने कहा- ज्यूडिशियरी को भी परिणामों के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए। खान ने गिल को रिमांड पर लिए जाने का आदेश देने वाली महिला जज को भी धमकी देते हुआ कहा कि जज को खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए जज तैयार रहें।




