लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में ‘अर्जुन सहायक परियोजना’ समेत कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम बुंदेलखंड से पलायन को रोकने के लिए इस क्षेत्र को रोज़गार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और यूपी डिफेंस कॉरिडोर भी इसका एक बहुत बड़ा प्रमाण है। परिवारवादियों की सरकारें किसानों को सिर्फ अभाव में रखना चाहती थीं। वो किसानों के नाम से घोषणाएं करते थे, लेकिन किसान तक पाई भी नहीं पहुंचती थी। जबकि पीएम किसान सम्मान निधि से हमने अब तक 1 लाख 62 हज़ार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे हैं।
पीएम ने कहा कि महोबा इस बात का गवाह है कि हमने पिछले 7 सालों में दिल्ली के बंद कमरों से लेकर देश के कोने-कोने तक सरकार कैसे पहुंचाई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”ये धरती ऐसी योजनाओं, ऐसे फैसलों की साक्षी रही है, जिन्होंने देश की गरीब माताओं-बहनों-बेटियों के जीवन में बड़े और सार्थक बदलाव किए हैं।” उन्होंने कहा, ”जिन्होंने लंबे समय तक दिल्ली और यूपी पर शासन किया, उन्होंने इस क्षेत्र को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह कोई रहस्य नहीं है कि कैसे इस क्षेत्र के जंगलों और संसाधनों को माफियाओं को सौंप दिया गया। अब जब इन माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, ”बुंदेलखंड के लोग पहली बार सरकार को उनके विकास के लिए काम करते हुए देख रहे हैं। पिछली सरकारें यूपी को लूटते नहीं थकतीं, लेकिन हम काम करते नहीं थकते।” पीएम ने कहा, ”किसानों को विभिन्न समस्याओं में उलझाए रखना कुछ राजनीतिक दलों के लिए राजनीति का आधार रहा है। वे समस्याओं की राजनीति करते हैं जबकि हमारी ‘राष्ट्र नीति’ का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना है।”




