नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी गतिरोध अब बातचीत की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई दौर की चर्चाओं और बैठक के स्थान को लेकर बनी असहमति के बाद दोनों पक्ष अब दिल्ली स्थित संविधान क्लब में आमने-सामने बैठेंगे।
सूत्रों के अनुसार, CJP के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बैठक प्रस्तावित है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को अपने आवास पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन CJP ने वहां जाने से इनकार कर दिया था। बाद में जंतर-मंतर पर बैठक की संभावना भी बनी, जिस पर सहमति नहीं बन सकी। आखिरकार संविधान क्लब को बैठक के लिए तय किया गया।
चार प्रमुख मांगों पर अडिग CJP
बैठक से पहले CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेगी। संगठन का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी प्राथमिक मांग है और इस पर किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर के मुताबिक, संगठन की चार मुख्य मांगें हैं— शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित परिवारों को मुआवजा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भी आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इधर, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
बताया गया कि केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद उन्हें सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिला, जिसके बाद उन्होंने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया।
बाद में सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने, संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने, प्रभावित परिवारों को सहायता देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है।
संसद में भी जारी है सियासी टकराव
नीट पेपर लीक को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी राजनीतिक घमासान जारी है। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है। इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने दोहराया सख्त कार्रवाई का भरोसा
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए कम समय में दोबारा परीक्षा कराकर परिणाम भी घोषित किए गए।
प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में विचार किया जाएगा और आवश्यक मंजूरी के बाद इसे जल्द लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही संबंधित विधायी प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।




