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अश्लील कंटेंट पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, दो साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म बंद; संसद में दी गई जानकारी

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने आईटी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 50 OTT प्लेटफॉर्म को भारत में बंद कराया है। यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान दी।

सरकार के मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले कंटेंट की लगातार निगरानी की जाती है। यदि किसी प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री, कानून का उल्लंघन या आपत्तिजनक कंटेंट पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

आईटी नियमों के तहत हुई कार्रवाई

केंद्र सरकार ने बताया कि 25 फरवरी 2021 को अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के जरिए ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट और डिजिटल समाचार प्रकाशकों के लिए एक नियामक व्यवस्था लागू की गई थी।

इन नियमों के तहत OTT प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता निर्धारित की गई है और शिकायतों के निस्तारण की स्पष्ट व्यवस्था भी बनाई गई है। सरकार का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

किन कानूनों के तहत हुई कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया कि आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(बी) के तहत गैरकानूनी कंटेंट हटाने या उस तक पहुंच रोकने का प्रावधान है। इसके अलावा आईटी अधिनियम की धारा 67 और 67A, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 तथा महिलाओं के अशोभनीय चित्रण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई की गई।

सरकार के अनुसार, अश्लील सामग्री प्रसारित करने और संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में पिछले दो वर्षों के दौरान 50 OTT प्लेटफॉर्म को भारत में ब्लॉक किया गया है।

इन प्लेटफॉर्म पर गिरी गाज

कार्रवाई की जद में आने वाले प्लेटफॉर्म में Alt, Ullu, MoodXVIP, Koyal PlayPro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu सहित कई अन्य OTT ऐप शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से भी हटा दिया गया है।

हालांकि, कुछ ऐप अब भी APK फाइल के जरिए डाउनलोड किए जा सकते हैं। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा और नियमों के प्रभावी पालन को लेकर आगे भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH