पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निचले स्तरों पर हुई खरीदारी के चलते सोमवार को घरेलू बाजार हरे निशान में खुला। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 264 अंकों की बढ़त के साथ 75,039.7 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 84.10 अंक मजबूत होकर 23,631.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा लौटा है।
बाजार में खरीदारी का दबदबा
सोमवार को बाजार का रुख पूरी तरह सकारात्मक नजर आया। कुल 2,833 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1,773 शेयर बढ़त के साथ और 938 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं 122 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। बाजार की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 63 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जबकि 82 शेयरों में अपर सर्किट लगा।
इंडिगो, एशियन पेंट्स और आईटी शेयर बने बाजार के सितारे
शुरुआती कारोबार में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर में 4.34 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 4,596.20 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके अलावा एशियन पेंट्स में 3.31 प्रतिशत, इन्फोसिस में 2.60 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.94 प्रतिशत और टीसीएस में 1.81 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। हालांकि, कुछ शेयरों पर दबाव भी बना रहा। हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी के शेयरों में क्रमशः 1.10 प्रतिशत और 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी बाजार की नजर
चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय नतीजों के चलते कुछ प्रमुख शेयरों में आज विशेष हलचल देखने को मिल सकती है।
इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो): कंपनी को मार्च 2026 तिमाही में 2,536.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 3,067.5 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया था। हालांकि, कंपनी के राजस्व में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गुजरात गैस: कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 31.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 351.2 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
IREDA: कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1.8 प्रतिशत घटकर 492.6 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन ब्याज से होने वाली शुद्ध आय (NII) में 18.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 897.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और कॉर्पोरेट नतीजों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय होगी।




