संगीत सरिता म्यूज़िक एकेडमी, मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में वर्ष 2004 से गुणवत्तापरक संगीत शिक्षण का पर्याय बनी हुई एक प्रतिष्ठित संस्था है। अपनी स्थापना के प्रारम्भ से ही यह संस्थान केवल संगीत शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं रहा, अपितु विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास को अपना मूल उद्देश्य मानता आया है।
यहाँ विद्यार्थियों को सुर, ताल और लय की सुसंगठित शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, मंच-संस्कार तथा सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। विद्यार्थियों के निरंतर विकास और उनकी प्रस्तुति क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु संस्था प्रत्येक तीन माह में एक त्रैमासिक कार्यक्रम आयोजित करती है।
इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को समय-समय पर मंच प्रदान करना है, जिससे वे मंच पर प्रस्तुति देने की कला में दक्ष हों, उनका आत्मविश्वास बढ़े तथा उनके सांगीतिक स्तर का आकलन किया जा सके। संस्था का वार्षिक गौरवपूर्ण आयोजन उसका भव्य वार्षिकोत्सव “वसंतोत्सव – एक सांस्कृतिक संध्या” है।
इस वर्ष “22वाँ वसंतोत्सव – एक सांस्कृतिक संध्या” का आयोजन 21 मार्च 2026, दिन शनिवार को सायं 6:30 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक किया जाएगा। यह संध्या संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों से सुसज्जित होगी, जहाँ सुर और साधना का अद्भुत समन्वय दर्शकों को एक अविस्मरणीय सांगीतिक अनुभव प्रदान करेगा।
अंकित कुमार गोयल की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह आयोजन संगीत सरिता म्यूज़िक एकेडमी की 22 वर्षों की सांगीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन का सतत प्रयास है। “22वां वसंतोत्सव 2026– एक सांस्कृतिक संध्या” संगीत प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायी एवं स्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव सिद्ध होगा। कार्यक्रम में संस्था के छात्र-छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक एवं शहर के गणमान्य लोगों के साथ शहर का आम जनमानस भी कार्यक्रम को देखने आता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा शास्त्रीय संगीत, तबला वादन, कथक नृत्य और सदाबहार बॉलीवुड गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। यह आयोजन संगीत प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायी एवं स्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव सिद्ध होगा।











