पटना: बिहार में अगले पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अगला पंचायत चुनाव कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले साल नगर निकायों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कराने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे पंचायत और शहरी निकाय क्षेत्रों की सीमाएं स्पष्ट हो सकें। मुख्यमंत्री पटना में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर’ के ‘मुखिया संवाद’ कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में पंचायतों की भूमिका, ग्रामीण विकास और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
परिसीमन के बाद होगा पंचायत चुनाव
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिसीमन पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। गांवों में विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम है। इसी को देखते हुए पंचायतों को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
पंचायतों में बनेगा इंजीनियरिंग सेल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज विभाग में एक इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है। इससे सड़क, भवन और दूसरी विकास परियोजनाओं को लागू करने में मुखिया और पंचायतों को विशेषज्ञ मदद मिल सकेगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों में आय के नए स्रोत विकसित करने के सुझाव भी मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर राजस्व के स्रोत बढ़ेंगे तो कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर किया जा सकेगा।
हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत प्रत्येक पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव के साथ रंगाई-पुताई और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर करने पर फोकस है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में आने वाले आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निपटारा करने की व्यवस्था की गई है।
हर महीने होगी ग्राम सभा की बैठक
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने के लिए हर महीने के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं और विकास योजनाओं पर सीधे चर्चा की जा सकेगी।
2030 से पहले एक करोड़ लोगों को रोजगार का लक्ष्य
शिक्षा और रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी कम हो। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
किसानों को सस्ती बिजली, परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की दर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई और कृषि कार्य के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि फीडरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था है।
सरकारी खरीद में बिहार के उत्पादों को प्राथमिकता
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छड़, सीमेंट समेत राज्य में निर्मित अन्य सामान की कम से कम 30 फीसदी सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसे टेंडर की प्रक्रिया में भी शामिल किए जाने की बात उन्होंने कही।
‘गांव समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और वर्ष 2037 तक समृद्ध एवं सशक्त बिहार के लक्ष्य को हासिल करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास की शुरुआत गांवों से होती है। गांव मजबूत और समृद्ध होंगे तो बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और इसी से देश के विकास को भी गति मिलेगी।




