दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में NEET परीक्षा रद्द होने के बाद 21 वर्षीय छात्रा अंशिका ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार और इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों के मुताबिक, अंशिका लंबे समय से NEET की तैयारी कर रही थी और परीक्षा रद्द होने की खबर से गहरे तनाव में आ गई थी।
घटना के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा और सौरभ भरद्वाज आदर्श नगर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। संजीव झा ने कहा कि परिवार गहरे सदमे में है और शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही ने एक प्रतिभाशाली छात्रा की जान ले ली। उन्होंने इस मामले में शिक्षा मंत्री पर भी सवाल उठाए।
परिवार के अनुसार, अंशिका पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह पढ़ाई में काफी अच्छी थी और इस बार बेहतर रैंक आने की उम्मीद कर रही थी। डॉक्टर बनने का सपना उसके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य था। परिजनों ने बताया कि परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगी थी। अंशिका के मामा मुनीश पांडेय ने कहा कि उसका पेपर अच्छा गया था, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर तक तोड़ दिया।
घटना के बाद परिवार शव को बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गया। वहां मौजूद पुजारी को स्थिति संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।




