उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्हें ‘छोटा फैंटा’ कह दिया, जिसके बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। 29 अप्रैल को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग दूसरों के नाम बदलते थे, उनका भी पश्चिम बंगाल पहुंचते ही नाम बदल गया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि ‘छोटा फैंटा’ नाम किसका है और यह निजी बातें बाहर कैसे आईं।
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस पर सीबीआई जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़े तो ईडी, इनकम टैक्स विभाग, केंद्रीय बलों और आर्मी इंटेलिजेंस को भी लगाया जाए। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में दिया गया, जो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई घटनाओं को सरकार छिपा रही है और सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जब पीड़ितों से मिलने गया, तो उन्हें कई अहम जानकारियां मिलीं और स्थानीय स्तर पर सच्चाई दबाने की कोशिश की जा रही थी।
गाजीपुर में नाबालिग लड़की का शव मिलने के मामले पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिवार को पूरी मेडिकल प्रक्रिया और जांच की जानकारी नहीं थी, जिसके चलते जरूरी साक्ष्य सुरक्षित नहीं रखे जा सके। पोस्टमार्टम के बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया, जो पहले भी ऐसे मामलों में देखा गया है। गौरतलब है कि 15 अप्रैल को एक नाबालिग लड़की का शव नदी में मिला था। परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है और मौत डूबने से हुई है।




