पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक हलचल के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 से 19 जुलाई 2026 तक राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह उनका पहला विस्तृत आधिकारिक दौरा है। इस दौरान वे सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सुशासन और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
18 जुलाई: BSF चौकी का दौरा और उच्चस्तरीय बैठकें
18 जुलाई की सुबह अमित शाह सिलीगुड़ी स्थित BSF की जुमागाछ सीमा चौकी पहुंचेंगे। यहां वे 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात जवानों से संवाद करेंगे और BSF से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इसके बाद गृह मंत्री पश्चिम बंगाल में सीमा से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसी दिन वे राज्य में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। शाम को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
19 जुलाई: कोलकाता में कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं पर फोकस
19 जुलाई को अमित शाह कोलकाता में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी में विकसित ‘म्यूज़ियम ऑफ वर्ड्स’ के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। दिन में आगे वे बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में अमूल डेयरी के दही प्लांट की आधारशिला भी रखेंगे।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बढ़ा दौरे का महत्व
पश्चिम बंगाल का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के पार्टी छोड़ने और नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा तेज रही है। इसी पृष्ठभूमि में अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।




