देशभर में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जबकि कुछ इलाकों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को भी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कुछ इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश के बाद उमस बढ़ने की भी संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटों में मेरठ के मवाना में 315 मिमी और मुजफ्फरनगर के जानसठ में 270.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी घटनाओं में शुक्रवार को दो लोगों की मौत भी हुई है।
राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून
राजस्थान में भारी बारिश का दौर अब थमता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 10-11 जुलाई से मानसून कमजोर रहेगा और करीब एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
पश्चिम बंगाल में बारिश से जनजीवन प्रभावित
पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। राजधानी कोलकाता में जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा, 118 सड़कें बंद
उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे राज्य की 118 सड़कें बंद हो गईं। देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया है। गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में 11 और 12 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र में भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए। कई घरों को नुकसान पहुंचा, जबकि पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हिमाचल प्रदेश के छह जिलों में येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पिछले कुछ दिनों की बारिश से कई सड़कें बंद हो गई हैं, पुलों को नुकसान पहुंचा है और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला में 27 लिंक रोड बंद हैं, जबकि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं। किन्नौर के सांगला पुल क्षेत्र में भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार 10 से 16 जुलाई के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश होने की संभावना है। वहीं मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।




