गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए नाबालिग बच्चों के धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिग समेत चार लोगों का धर्मांतरण कराने के आरोपित अब्दुल रहमान उर्फ नन्नी को जेल भेज दिया गया है। कविनगर पुलिस ने उसे रविवार को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि नन्नी यहां एक मस्जिद में काम करता था। इस ऑनलाइन गेम में हारने वाले हिंदू बच्चों को कलमा पढ़कर इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें कलमा पढ़ने पर कभी भी गेम नहीं हारने का झांसा दिया जाता था।
वहीं इस मामले में अब होम मिनिस्ट्री ने भी गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियां भी मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है। इस मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के एक यूट्यूब यूथ क्लब चैनल पर इस्लामिक वीडियो दिखाए जाते थे। इस मामले की जांच के लिए गाजियाबाद पुलिस की चार टीमें मुंबई में शहनवाज उर्फ बद्दो की खोज में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि जल्द ही शहनवाज उर्फ बद्दो की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस का कहना है कि शाहनवाज हिंदू नाम बद्दो से अपनी फर्जी आईडी को तकरीबन ढाई साल से चला रहा था और जैसे ही उसे यह सुराग हाथ लगता कि कोई उसके गैंग के लड़कों के साथ जुड़ता था तो वो उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करने लगता था।
गिरफ्तारी के लिए मुंबई पहुंची गाजियाबाद पुलिस
गाजियाबाद पुलिस इस गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पहुंच गई है। इस गिरोह की विदेशी फंडिंग के एंगल से भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस को शक है कि ये गिरोह भारत के साथ दूसरे देशों के नाबालिगों को भी अपना शिकार बना सकता है। दरअसल गाजियाबाद में दो नाबालिग किशोरों के परिजनों ने अपने बच्चों के धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने न सिर्फ उनका धर्म परिवर्तन किया बल्कि उन्हें पांच वक्त का नमाजी तक बना डाला। जांच में पता चला कि इन किशोरों के साथ कुछ मुस्लिम लड़के नाम बदल कर ऑनलाइन गेम फॉर नाइट गेम ऐप पर खेलते थे। गेम हारने पर उन्हें जीतने के लिए जाकिर नाइक की आयतें पढ़वाई जाती थी, जिसके बाद उन्हें जिता कर आयतों पर भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद discord app द्वारा मुस्लिम लड़के यूजर आईडी बनाकर हिंदू लड़कों से चैट करते थे, बहला फुसलाकर उन्हें इस्लामी रीति रिवाज अपनाने के लिए स्पीच दिखाते और इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।




