महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) के एक कार्यालय में यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। अब एक पुरुष कर्मचारी ने सामने आकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने दावा किया कि आरोपियों ने न केवल महिलाओं बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी निशाना बनाया। पीड़ित कर्मचारी के अनुसार, उसे धार्मिक टोपी पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इन बातों का विरोध किया, तो उसके खिलाफ हेड ऑफिस में झूठी शिकायतें भेजी जाने लगीं और उस पर मानसिक दबाव बनाया गया।
कर्मचारी ने बताया कि उसकी कोई संतान नहीं थी, जिसे लेकर आरोपियों ने निजी टिप्पणियां कीं। उन्होंने यहां तक कहा कि वह अपनी पत्नी को उनके पास भेजे ताकि वह गर्भवती हो सके। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया और एक बार गुस्से में उस पर पंखा फेंककर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित के मुताबिक, 2022 से 23 मार्च 2026 के बीच कुछ सहकर्मी लगातार उसके करीब आने की कोशिश करते रहे। उन्होंने उसके धर्म का अपमान किया, उसे मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर किया और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर उसे अलग-अलग कार्यस्थलों पर परेशान किया गया और उसके खिलाफ साजिश रची गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला कर्मचारी ने भी इसी कार्यालय के कुछ लोगों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप लगाए। शिकायत के बाद पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाया, जिसमें सात महिला पुलिसकर्मियों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी में तैनात किया गया।
अब तक इस मामले में 12 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है और 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष शामिल हैं। आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एक महिला प्रबंधक शामिल हैं। इस मामले की कथित मास्टरमाइंड निदा खान अभी फरार बताई जा रही है।




